ज्योतिष का अर्थ तेज या पुंज है जो अंधकार में प्रकाश फैलाने का काम करता है। वैदिक ज्योतिष में कहा है 6 महीने का सौर मास 6 महीने का चंद्र मास दोनों को बराबर तोलना ज्योतिष है।
वैदिक ज्योतिष द्वारा जन्म समय के 7 ग्रहों और राहु, केतु की स्थिति को दर्शाने वाला चार्ट (जन्मपत्रिका) इत्यादि का निर्माण किया जाता है। वैदिक मत के अनुसार इस चार्ट (जन्मपत्रिका) में पूर्व जन्मों में किए गए पाप और पुण्य के आधार पर ग्रहों की स्थिति बनती है जिस से ग्रह अच्छा या बुरा फल देते हैं। वैदिक ज्योतिष एक गणित के साथ-साथ विज्ञान भी है।
ज्योतिष के उपाय एक छत्री की तरह काम करते है। अर्थात जैसे छत्री बरसात और तेज धूप को बंद नहीं करती बल्कि हमें बरसात और तेज धूप लगने नहीं देती। इसी प्रकार ज्योतिष के उपाय है जो दुःख और कष्टों को दूर करती है।